दिनांक 07/07/26 को समय करीब 12.39 बजे डायल 112 के माध्यम से सुचना प्राप्त हुई की राँची टाटा NH-33 रोड पर काले रंग के स्कार्पियो गाड़ी से एक डिजायर गाड़ी का पीछा किया जा रहा है। इस संबंध में थाना के गस्ती बल एवं मोटरसाईकिल दस्ता के द्वारा शिकायतकर्ता के मोबाईल नं0-9334007919 पर संपर्क करते हुए सुचना प्राप्ती के 06 मिनट के अंदर मोटरसाईकिल दस्ता एवं 10 मिनट के अंदर गस्ती बल एवं थाना प्रभारी दशमफॉल घटनास्थल पर पहुँच कर घटना के संबंध में जानकारी लिया गया तो डिजायर वाहन में बैठे हुए चालक रणवीर के द्वारा बताया गया कि बुण्डू सूर्य मंदिर से निकलने के दौरान मेरी गाड़ी काले रंग के स्कार्पियो से सट गयी थी जिस कारण वहां हल्का वाद-विवाद हुआ था। उसके पश्चात मैं वहाँ से अपनी गाड़ी को लेकर निकल गया। मेरी गाड़ी में सुमन प्रसाद, नीलु और प्रिति सभी जमशेदपुर के रहने वाले बैठे हुए थे, फिर दशमफॉल थाना अंतर्गत तैमारा मोड़ के पास स्कार्पियो वाहन के द्वारा हमारे गाड़ी को पीछा करते हुए साईड रुकवाकर मेरे गाड़ी का आगे का शिशा एवं आगे के दरवाजा का शिशा तोड़ दिया गया।
उक्त घटना में पीड़ित को मोटरसाईकिल दस्ता, गस्ती दल एवं थाना प्रभारी दशमफॉल के साथ दशमफॉल थाना लाया गया। उक्त धटना में संलिप्त स्कार्पियो वाहन चला रहे चालक राजकुमार महतो उम्र 19 वर्ष पिता- गुनोधर महतो 2. जोएब रजा, उम्र 18 वर्ष पिता- अफताब आलम खान, दोनों का पता- आदर्शनगर कुम्हार टोली, थाना-बुण्डू जिला- राँची को थाना बुलाया गया एवं घटना के संबंध में पूछताछ की गयी।
प्रारंभिक जाँच के दौरान दोनों पक्षों के द्वारा अपनी अपनी बात रखी गयी तथा आपसी सहमति से लिखित समझौता पत्र प्रस्तुत किया गया एवं बताया गया कि प्रथम पक्ष (महिला पक्ष) के द्वारा किसी प्रकार का कोई कानूनी करवाई नहीं करना चाहते हैं। प्रथम पक्ष (महिला पक्ष) से प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु लिखित आवेदन देने हेतु दशमफॉल थाना प्रभारी एवं अन्य थाना पदाधिकारी द्वारा बार बार अनुरोध किया गया लेकिन महिला पक्ष द्वारा बताया गया की उक्त लड़के अभी कम उम्र के हैं जिसके विरुद्ध हम किसी प्रकार का कोई कानूनी कारवाई नहीं करना चाहते हैं क्योंकि इससे इनका भविष्य खराब हो जाएगा एवं महिला के द्वारा बताया गया कि मैं एक प्रतिष्ठित आर्टिस्ट हूँ इस तरह के काम से मेरा भी नाम खराब हो जाएगा एवं महिला पक्ष के द्वारा कहा गया कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए हमें बाध्य नहीं किया जा सकता है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि घटना से संबंधित जो विडियो सोशल मिडिया में वायरल हो रहा है उस समय प्रथम पक्ष के द्वारा पुलिस को कारवाई करने हेतु लिखित आवेदन नहीं दिया गया तथा दोनो पक्ष द्वारा आपस मे समझौता कर मामले का निपटारा किया गया।



