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पूर्व बाहुबली सांसद पर पशुपति पारस ने जताया भरोसा, 21 नेता भी बने सदस्य

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केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को केंद्रीय संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है। पशुपति पारस ने उनपर भरोसा जताया है। साथ ही 21 नेताओं को ससंदीय बोर्ड का सदस्य भी बनाया है।

पहले वैशाली सांसद वीणा सिंह संसदीय बोर्ड की अध्यक्ष थीं, लेकिन लोजपा (रा) की स्थापना दिवस के दिन वीणा देवी पटना में आयोजित समारोह में चिराग पासवान के साथ मंच पर पहुंच गईं। चाचा को छोड़ उनके भतीजे के गुट में वापस चले जाने के बाद पशुपति कुमार पारस ने अपनी पार्टी के ससंदीय बोर्ड को भंग कर दिया था, लेकिन शनिवार को दिल्ली में इसका फिर से गठन कर दिया है। अब सूरजभान सिंह को अब नई और बड़ी जिम्मेवारी सौंप दी गई है।

हत्या, लूट समेत कई मामलों में चल चुका है केस

एक समय सूरजभान सिंह का अपराध की दुनिया में बड़ा नाम था। उनके ऊपर हत्या, लूट और रंगदारी के कई केस थे। रेलवे टेंडर के खेल में भी माहिर थे। 1998 में पुलिस ने सूरजभान सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2000 का चुनाव उन्होंने जेल से ही निर्दलीय लड़ा।

नॉमिनेशन के दौरान बाढ़ में करीब 40 हजार लोगों की भीड़ जुटी थी। 2004 के लोकसभा चुनाव के वक्त सूरजभान सिंह लोजपा में शामिल हो गए और बलिया से चुनाव लड़कर संसद पहुंचे। सूरजभान सिंह के भाई चंदन सिंह नवादा से सांसद है। उनकी पत्नी वीणा देवी मुंगेर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं।

सवाल- सूरजभान सिंह ही क्यों?

सूरजभान सिंह की राजनीतिक शुरुआत तब हुई जब दिवंगत केंद्रीय मंत्री व लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया था। सूरजभान सिंह पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं।

जब-जब पार्टी पर किसी भी प्रकार का संकट गहराया तो वो संकटमोचन बनकर हमेशा डंटे रहे। पासवान परिवार के सबसे विश्वासी और करीबी हैं। इस लिए उन पर भरोसा जताते हुए पशुपति कुमार पारस ने उन्हें नई जिम्मेवारी सौंपी है।

पत्नी और भाई भी बने सांसद
सूरजभान सिंह पटना जिले में मोकामा के शक्करबार टोला के रहने वाले हैं। इनके परिवार से कुल तीन लोग सांसद बने। सबसे पहले सूरजभान सिंह खुद ही सांसद बने थे। वो परिसिमन में बदलाव से पहले बलिया लोकसभा क्षेत्र से 2004 में चुनाव लड़े थे।

इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में मुंगेर से इनकी पत्नी वीणा देवी सांसद बनी। फिर 2019 में इनके छोटे भाई चंदन सिंह नवादा से चुनाव जीते और वर्तमान में सांसद हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह संस्थापक सदस्य रामजी सिंह के अनुसार सूरजभान सिंह ने जब से पार्टी को जॉइन किया तब से वो निरंतर बने रहे। पार्टी के प्रति ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ काम किया। उनका समाज और पार्टी, दोनों ही जगह पर प्रभाव है। पार्टी में भी सर्वमान्य नेता हैं।

अब आगे क्या?
दरअसल, हर राजनीतिक पार्टी का अपना ससंदीय बोर्ड होता। जो सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह एक संवैधानिक पद होता है। जल्द ही लोकसभा का चुनाव होना है। बोर्ड का काम सामंजस्य बैठाकर काम करना है। चुनाव में उम्मीदवारों का चयन यही बोर्ड करती है। बोर्ड का गठन कर पशुपति कुमार पारस ने यह बता दिया है कि उनकी पार्टी चुनावी मूड में आ गई है। अब पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

हेमंत से जुड़े केस में ED का शिकंजा, मास्टरमाइंड पूर्व राजस्व निरीक्षक भानु प्रताप की गिरफ्तारी

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ईडी टीम हेमंत सोरेन और भानु प्रताप प्रसाद को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। ईडी की ओर से मामले के जांच अधिकारी ने भानु प्रताप प्रसाद को रिमांड पर लेने का आवेदन ईडी कोर्ट में दिया है।

रांची जमीन घोटाले में बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद को ईडी ने हेमंत सोरेन से भी जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने 31 जनवरी को ही भानु प्रताप प्रसाद को इस केस में प्रोडक्शन पर लेने के लिए पीएमएलए की विशेष अदालत में आवेदन दिया था। भानु प्रताप का प्रोडक्शन शनिवार को ईडी को मिल गया। अब सोमवार को भानु प्रताप प्रसाद को रिमांड पर लेने का आवेदन ईडी कोर्ट को देगी।

पूर्व सीएम के केस से क्या है भानु का कनेक्शन

बरियातू के सेना जमीन घोटाले में ईडी ने भानु प्रताप प्रसाद को 14 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया था। भानु प्रताप प्रसाद के यहां जब छापेमारी की गई थी, तब उसके आवास से कई ट्रक सरकारी दस्तावेज मिले थे। बड़गाईं अंचल के रजिस्टर 1 व रजिस्टर 2, डीड समेत कई कागजात मिले थे। वहीं, भानु के ही मोबाइल से हेमंत सोरेन के कब्जे वाली जमीन के दस्तावेज मिले थे। इस मामले में भानु ने ही सबसे पहले खुलासा किया था कि बड़गाईं अंचल की 8.50 एकड़ जमीन के सर्वे का आदेश सीएमओ से आया था। जिसके बाद सीओ मनोज कुमार के कहने पर भानु ने सर्वे करने की बात कबूली थी। ईडी ने अनुसंधान के क्रम में खुलासा किया है कि जमीन के रजिस्टर में हेमंत सोरेन का नाम दर्ज किया जाना था, लेकिन एजेंसी की कार्रवाई की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के ठीक पहले ईडी ने इस मामले में भानु के प्रोडक्शन का आवेदन दिया था। इस केस में आरोपी नंबर एक भानु ही होगा, जबकि दूसरे आरोपी तत्कालीन सीएम हेमंत सोरेन होंगे।

पूर्व सीएम और भानु प्रताप को आमने सामने रखकर हो सकती है पूछताछ

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन घोटाले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ईडी जमीन घोटाले के मास्टर माइंड मुख्य साजिशकर्ता बड़गाई अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद को मामले में रिमांड पर लेगी।

मिली जानकारी के अनुसार ईडी टीम हेमंत सोरेन और भानु प्रताप प्रसाद को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। ईडी की ओर से मामले के जांच अधिकारी ने भानु प्रताप प्रसाद को रिमांड पर लेने का आवेदन ईडी कोर्ट में दिया है। ईडी ने बड़गाईं अंचल क्षेत्र की 8.46 एकड़ जमीन घोटाले का मामले सामने आने पर भानु प्रताप प्रसाद के खिलाफ 1 जून 2023 को धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने समेत अन्य भादवि की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया था। लेकिन केस दर्ज होने के छह महीने बाद अब ईडी ने आरोपी को रिमांड पर लेने का आवेदन दिया है। कोर्ट से अनुमति मिलते ही आगे की प्रक्रिया ईडी की ओर से प्रारंभ की जाएगी।

भाजपा बिहार में यूपी-एमपी मॉडल लागू नहीं कर पाएगी:सम्राट के आगे नहीं झुके नीतीश, बिहार में पहली बार विभाग बंटवारे में इतनी देर

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नीतीश कुमार पिछले 17 साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। रिकॉर्ड नौ बार वे शपथ ले चुके हैं। ये पहला माैका है जब मंत्रिमंडल के विभागों के बंटवारे में 6 दिन का समय लगा। आखिर इसकी वजह क्या है? भाजपा और जदयू के बीच कैसा संतुलन बिठाया गया। कई कयास थे, लेकिन सभी ढह गए। इस बंटवारे में केवल नीतीश कुमार की ही चली। उन्होंने भाजपा को विभाग तो ज्यादा थमा दिए, लेकिन पैसा-पॉवर जदयू के खाते में डाल दिया।

इनमें जो विभाग सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा का विषय बन गया था, वो था गृह विभाग। इसे पाने की छटपटाहट भाजपा में दिख रही थी। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी जिद कर रहे थे। इसके पीछे की वजह थी- बिहार में एमपी-यूपी मॉडल की तर्ज पर (अपराधियों का एनकाउंटर और संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाना) काम करके जनता के बीच भाजपा का स्ट्रांग मैसेज पहुंचाना, लेकिन नीतीश कुमार ने भाजपा की इस प्लानिंग पर फिलहाल पानी फेर दिया है। उन्होंने गृह विभाग इस बार भी नहीं छोड़ा।

बता दें कि बिहार की यही परंपरा भी रही है कि यहां जो सीएम बना, उसी के पास गृह विभाग रहा। नीतीश कुमार के पहले वाले सीएम भी गृह विभाग अपने ही पास रखते आए हैं। उन्होंने इस परंपरा को नहीं तोड़ा। कयास थे कि इस बार भाजपा गृह मंत्रालय ले लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में भाजपा का बिहार में बुलडोजर चलाने का सपना धरा का धरा रह गया।

अपने मॉडल से ऊपर कोई मॉडल नहीं आने देंगे नीतीश:

नीतीश कुमार कभी भी बिहार में अपने सुशासन वाले मॉडल के ऊपर किसी दूसरे मॉडल को हावी नहीं होने देंगे। देशभर में नीतीश कुमार की छवि सुशासन कुमार के रूप में बनी है। बिहार से क्राइम और जंगल राज को समाप्त करने का क्रेडिट नीतीश कुमार खुद लेते रहे हैं।

2005 से 2010 का दौर था, जब उन्होंने शहाबुद्दीन, अनंत सिंह, रीतलाल यादव और आनंद मोहन जैसे बाहुबलियों समेत 75 हजार से ज्यादा छोटे- बड़े अपराधियों को जेल की हवा खिला दी थी। वो भी बिना किसी एनकाउंटर और बुलडोजर के। हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना हुई, जिनसे 5 साल में लगभग 52 हजार अपराधियों को सजा भी दिलवाई गई।

इसी कारण उनका सुशासन कुमार पड़ा था। उनके इस मॉडल की चर्चा देशभर में हुई, लेकिन हालिया कुछ महीनों में क्राइम को खत्म करने का बीजेपी का जो मॉडल लोकप्रिय हुआ है, वो एनकाउंटर और बुलडोजर का मॉडल है।

भाजपा बिहार में भी इसी मॉडल से खुद को मजबूत करना चाहती थी। मगर खुद को जेपी, लोहिया और कर्पूरी जैसे समाजवादियों का वाहक कहने वाले नीतीश कभी भी अपनी सरकार पर ये आरोप नहीं लगवाना पसंद नहीं करेंगे कि उन्होंने एनकाउंटर और बुलडोजर के दम पर सरकार चलाई।

बिहार में पहली बार विभाग बंटवारे में इतनी देर-

सबसे बड़ा कारण गृह विभाग की खींचतान है। इसके चलते बिहार में पहली बार विभाग का बंटवारा और मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी देरी हुई है। इससे पहले 8 बार नीतीश बिहार के सीएम बन चुके हैं और हर बार उन्होंने विभागों का बंटवारा सरकार बनने के बाद या तो उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा 4 दिन के भीतर कर लिया।

साथ में मंत्रिमंडल का विस्तार भी, लेकिन इस बार सरकार बनने के बाद 6 दिन तक विभागों का बंटवारा न हो पाने के कारण नीतीश भी अनकंफर्ट हुए और भाजपा के नेता भी। इससे विपक्ष को यह कहने का मौका मिलने लगा कि बिहार में असली खेला अभी बाकी है।

उनका इशारा था- फ्लोर टेस्ट से पहले एनडीए में टूट-फूट होने का। विपक्षी नेताओं की इन बातों को और हवा तब मिली, जब एनडीए का हिस्सा बने जीतनराम मांझी ने दो मंत्री पद की मांग रखते हुए यहां तक कह दिया कि अगर एक मंत्री और न मिला तो यह अन्याय होगा। मैंने महागठबंधन से मिले सीएम पद के ऑफर को ठुकराया है।

छोटे नहीं, बड़ा भाई की भूमिका में ही रहेंगे नीतीश-

मजे की बात यह है कि इस बार कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ एडजस्टमेंट करके चलेंगे और हो सकता है कि छोटे भाई की भूमिका में भी आ जाएं, लेकिन गृह समेत महत्वपूर्ण विभाग लेकर नीतीश ने बता दिया कि बिहार में अब भी वे ही सर्वोपरि है।

इस पर राजनीतिक जानकार प्रवीण बागी कहते हैं कि विभागों के बंटवारे से नीतीश ने साफ कर दिया कि बिहार की सियासत में वे जैसा चाहेंगे- वैसा ही होगा। इस बार भी तीन विभागों को छोड़कर बंटवारा उसी तरीके से किया गया है, जैसा 2020 में एनडीए सरकार के दौरान था।

केवल तीन विभाग पशु एवं मत्स्य, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा और आपदा प्रबधंन विभाग अलग से भाजपा को दिया गया है। इस बंटवारे में भाजपा के 23 विभागों का बजट 69 हजार 432 करोड़ रुपए है तो जदयू के 19 विभागों का बजट 1 लाख 17 हजार 529 करोड़ रुपए है। यानी अब भी नीतीश कुमार ही बड़े भाई ही बने और भाजपा छोटा भाई।

अब पढ़िए क्या कहते हैं भाजपा नेता…

बिहार को जंगल राज से मुक्त कराना हमारा प्राथमिक प्रयास- बीजेपी

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा कि बिहार को जगंल राज से मुक्त कराना हमारा प्राथमिक प्रयास रहा है। उस लक्ष्य पर हमने गंभीरता से पहले भी प्रयास किया है। इस सरकार में भी हमारा ये लक्ष्य रहने वाला है।

हमारे प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कई जगहों पर ये स्पष्ट किया है कि गुंडा तत्व बिहार में समाज को अस्थिर करने का प्रयास करेंगे तो वे नेपाल जाएंगे नहीं तो उनका पिंडदान गया में होने वाला है। हमारा मूल लक्ष्य समाज में सुशासन स्थापित करना है। किस प्रकार से सुरक्षा की भावना विकसित हो सके उस पर काम करना है।

विभाग बंटवारे के बाद भाजपा भी सुशासन की राह पर-

यूपी-एमपी मॉडल पर बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुंतल कृष्णन ने कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी का अभी सिर्फ एक मॉडल है, जंगल राज खत्म करके सुशासन का फिर से स्थापना और बिहार के विकास का मॉडल।

हमारी प्राथमिकता बिहार का विकास और फिर से सुशासन की स्थापना करना है। नियम-कानून के अनुसार सरकार चलाना है। एक तयशुदा फॉर्मूले के तहत मंत्रियों में विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। जिससे सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

भाजपा से टकराव टालना बड़ी चुनौती

ये तय है कि लोकसभा चुनाव तक सब कुछ ठीक ठाक रहेगा, लेकिन जिस तरह से मंत्री बनने के बाद भाजपा के नेताओं ने विभाग बंटवारा तक सरकारी गाड़ियां नहीं ली थी। कहा ये भी जा रहा है कि वापस लौटा दी थी, ऐसे में बंटवारे में कम बजट वाले विभाग से वे खुश नहीं होंगे, लेकिन चूंकि केंद्रीय नेतृत्व का जोर बिहार की लोकसभा की 40 सीटों पर हैं। ऐसे में अभी कुछ नहीं बोलेंगे।

भाजपा के नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव के बाद तल्खियां जरूर देखने को मिलेगी। विभाग बंटवारे के बाद एक मंत्री का बयान भी चर्चा में है कि ‘हर अपमान के बाद भी बिहार का विकास करेंगे’। संदर्भ भले ही विभाग का बंटवारा नहीं हो, लेकिन इससे कहीं न कहीं उनकी टीस जरूर नजर आती है। ऐसे में नीतीश के लिए भाजपा और हम के साथ संतुलन बिठाने की चुनौती रहेगी।

फ्लोर टेस्ट की रणनीति तैयार, हैदराबाद में विधायक कर रहे इंतजार; कब लौटेंगे रांची?

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हैदराबाद के लिओनिया रिजॉर्ट में महागठबंधन के 36 विधायक एकसाथ मौजूद हैं। रिजॉर्ट में फ्लोर टेस्ट कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के संपर्क में सभी विधायक हैं।

महागठबंधन के विधायकों को एकजुट रखने के लिए रिजॉर्ट पॉलिटिक्स जारी है। हैदराबाद के लिओनिया रिजॉर्ट में महागठबंधन के 36 विधायक एकसाथ मौजूद हैं। रिजॉर्ट में फ्लोर टेस्ट कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के संपर्क में सभी विधायक हैं। विधायकों की सुरक्षा के लिए लिओनिया रिजॉर्ट से 700 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई है।

विधायकों का कहना है कि क्षेत्र की जनता से दूर रहना उन्हें नागवार गुजर रहा है, लेकिन जनादेश की रक्षा करना भी उनका फर्ज है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द सरकार का गठन होगा और वह अपने क्षेत्र में लौट कर जनता की सेवा में जुटेंगे। हैदराबाद में होकर भी विधायक संचार माध्यमों से रांची और अपने -अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े हैं।

हैदराबादी खिचड़ी और कीमा समोसा का लिया लुफ्त

विधायकों ने शनिवार को हैदराबादी खिचड़ी और कीमा समोसा का लुफ्त उठाया। इसके अलावा कई विधायकों ने चावल, दाल, भिंडी फ्राइ भी लिये। वहीं, दम पख्त बिरयानी, पाया, गोश्त पसिंदे, निहारी, मिर्ची का सालन, कुबानी का मीठा, डबल का मीठा, जौजी हलवा, शीर सुरमा भी परोसा गया।

हैदराबाद से रांची आज आएंगे सभी विधायक

महागठबंधन के विधायक रविवार की दोपहर हैदराबाद से रांची के लिए रवाना होंगे। सभी 36 विधायक और अन्य नेता चार्टर प्लेन से रांची पहुंचेंगे। रांची में सभी को सीधे सर्किट हाउस लाया जाएगा। यहां भी विधायकों को सुरक्षा में रखा जाएगा। सोमवार को झारखंड विधानसभा के सत्र से पहले 10 बजे सभी विधायकों को विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां वे नवनियुक्त सरकार के बहुमत साबित करने के लिए मतदान करेंगे। फ्लोर टेस्ट के बाद ही विधायकों को छोड़ा जाएगा।

झारखंड में कल से बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में बारिश के आसार; ठंड से मिलेगी राहत

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Jharkhand Weather: सोमवार से मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की गई है। पांच फरवरी को राज्य के उत्तरी पलामू और राजधानी के आसपास के जिलों में भी बादल छाएंगे। छह फरवरी तक असर रहने की संभावना है।

झारखंड के पश्चिमी और उत्तरी भाग स्थित पलामू और आसपास के जिलों में ठंड बढ़ गयी है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के दक्षिणी भाग में रांची और आसपास के क्षेत्रों में सुबह में कुहासा छाया रहा। लेकिन, नौ बज तक छंट गए।

रांची का अधिकतम तापमान 24.6 और न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिकतम जमशेदपुर में 29.5 डिग्री और न्यूनतम 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, गढ़वा, गुमला, लोहरदगा और खूंटी जिलों का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री से नीचे चल रहा है। राज्य में इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान रात में ठंड बढ़ने की संभावना है। इसके बाद पांच फरवरी से मौसम बदलाव होगा और न्यूनतम तापमान में इजाफा होगा।

मौसम बदलाव के बाद पलामू और आसपास के जिलों में सर्दी ज्यादा है। इन इलाकों पर यूपी और छत्तीसगढ़ के नजदीकी क्षेत्र होने के कारण यहां सर्द हवा का प्रकोप बढ़ गया है। अगले 24 घंटों के दौरान भी यही स्थिति बनी रहेगी। लेकिन उसके बाद राज्य में बादल छाने से मौसम में फिर बदलाव होगा। -अभिषेक आनंद, वैज्ञानिक, मौसम विभाग

पांच को छाएंगे बादल

राज्य में सोमवार से मौसम में बदलाव की संभावना व्यक्त की गई है। पहले दिन पांच फरवरी को राज्य के उत्तरी पलामू और राजधानी के आसपास के जिलों में भी बादल छाएंगे। इसका प्रभाव छह फरवरी तक रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

ILT20 को पहले हफ्ते 11.3 करोड़ दर्शकों ने देखा:दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली टी-20 लीग बनी, 17 फरवरी को फाइनल

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DP वर्ल्ड ILT20 के सीजन 2 ने अपने शुरुआती सप्ताह में 11.3 करोड़ की व्यूअरशिप हासिल की है। BARC के मुताबिक, इस लीग की व्यूअरशिप में पिछले सीजन की अपेक्षा 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।

इसके अलावा, भारत के अर्बन मार्केट में 15 साल से ज्यादा की उम्र के लोगो ने लीग को 32% ज्यादा टाइम दिया है। आयोजकों की मानें तो DP वर्ल्ड ILT20 दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वर्ल्ड T20 लीग बनी हुई है।

17 फरवरी को होगा फाइनल
इंटरनेशनल लीग T-20 (ILT-20) का दूसरा सीजन 19 जनवरी से शुरू हो चुका है और इसका फाइनल 17 फरवरी को UAE में खेला जाएगा। इस बार के चैंपियन को करीब 5.80 करोड़ रुपए (700,000 US डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी, जबकि उपविजेता को करीब 2.50 करोड़ रुपए (300,000 US डॉलर) मिलेंगे।

क्या है ILT20?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और ब्रॉडकास्टर सबा करीम ने बताया कि ILT20 एक फ्रेंचाइजी बेस टी-20 लीग है, जिसे अमीरात क्रिकेट बोर्ड करवाता है। लीग में 6 फ्रेंचाइजी की टीमें हिस्सा लेती हैं। पहले सीजन का खिताब गल्फ जाइंट्स ने जीता था। टीम ने 12 फरवरी 2023 को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में डेजर्ट वाइपर्स को 7 विकेट से हराया था।

इंटरनेशनल लीग T-20 का फॉर्मेट
इंटरनेशनल लीग T-20 लीग (ILT-20) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे फॉर्मेट में खेली जाती है। मुकाबले 3 मैदानों पर होने हैं। सभी टीमों को आपस में लीग मैच खेलने होते हैं। लीग राउंड में पॉइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमें के बीच क्वालिफायर-1 होता है, जबकि तीसरे और चौथे नंबर की टीम के बीच एलिमिनेटर होता है।

क्वालिफायर-1 जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचती है, जबकि हारने वाली टीम एलिमिनेटर के विजेता से क्वालिफायर-2 खेलती है। क्वालिफायर-2 और क्वालिफायर-1 की विनर के बीच फाइनल होता है।

बुमराह की यॉर्कर पर बोल्ड हुए पोप:अय्यर ने डाइविंग कैच पकड़ा, बाउंड्री लगाकर जायसवाल ने डबल सेंचुरी जमाई; मोमेंट्स

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भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैच की सीरीज का दूसरा मुकाबला विशाखापट्टनम के डॉ. वायएस राजशेखर स्टेडियम में खेला जा रहा है। स्टेडियम में शनिवार को भारत ने पहली पारी में 336/6 के स्कोर से खेलना शुरू किया और 396 रन पर ऑलआउट हो गई। फिर भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को पहली पारी में 253 रन पर पवेलियन भेज दिया।

शनिवार को जायसवाल ने भारतीय पारी को आगे बढ़ाया और चौका लगाकर अपना पहला दोहरा शतक पूरा किया। वहीं, इंग्लैंड की पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी यॉर्कर से पहले मैच के टॉप स्कोरर ओली पोप को बोल्ड कर दिया।

1. चौका लगाकर जायसवाल ने डबल सेंचुरी जमाई
भारत के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने दूसरे दिन डबल सेंचुरी जमाई। 102वें ओवर में शोएब बशीर ने फुल टॉस का फायदा उठाया और बॉल को बाउंड्री की ओर पहुंचा दिया। इससे पहले जायसवाल ने हार्टले की बॉल पर सिक्स लगा कर शतक भी पूरा किया था।

2. भारत ने रिव्यू गंवाया, अश्विन लौटे
दूसरे दिन 101वें ओवर में एंडरसन ने गुड लेंथ गेंद फेंकी,जिसपर अश्विन बचाव में क्रीज पर खड़े थे। उन्होंने डिफेंड करने की कोशिश की, लेकिन बॉल बल्ले के एज से लगकर पीछे बेन फोक्स के हाथों में चली गई।

अंपायर ने अश्विन को कॉट बिहाइंड पर आउट दे दिया। इसके बाद अश्विन तुरंत रिव्यू के लिए चले गए। वह इस बात को लेकर आश्वस्त दिख रहे थे कि उन्होंने हिट नहीं किया है। हालांकि, रिव्यू में यह दिखा कि जब बॉल बल्ले के बगल में लगी तो अल्ट्राएज पर स्पाइक हो रहा है। अंपायर अपने निर्णय पर कायम रहे।

3. सिक्स लगाकर क्रॉले ने फिफ्टी पूरी की
इंग्लैंड के ओपनर जैक क्रॉले ने कुलदीप यादव की बॉल पर सिक्स लगा कर फिफ्टी पूरी की। 13वें ओवर की चौथी बॉल पर क्रोले ने स्लॉग स्वीप लगाया और मिडविकेट की ओर शानदार सिक्स लगाकर अपना 11वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया।

4. ओली पोप को मिला जीवनदान
इंग्लैंड के बल्लेबाज ओली पोप को जीवनदान मिला। 11वें ओवर की तीसरी बॉल पर कुलदीप यादव ने आउटसाइड ऑफ बॉल फेंकी। इसने पोप को ड्राइव के लिए लुभा दिया, लेकिन वे शॉट मिस कर गए और क्रिज के बाहर हो गेए। पीछे विकेटकीपर भरत के हाथों में बॉल आई लेकिन वे जल्दी में घबरा गए, बॉल उनके हाथों से फिसल गई और स्टंपिंग मिस हो गई।

5. श्रेयस अय्यर ने पीछे की ओर दौड़कर डाइविंग कैच पकड़ा
श्रेयस अय्यर के शानदार कैच की बदौलत जैक क्रॉले पवेलियन लौट गए। 23वें ओवर में अक्षर पटेल की बॉल पर क्रॉले ने स्लॉग लगाया।शॉट पर बॉल बैकवर्ड पॉइंट पर हवा में गई। वहां फील्डिंग कर रहे अय्यर ने दौड़ते हुए डाइव किया और पीछे की ओर कैच लपका।

6. बुमराह के यॉर्कर से बोल्ड हुए पोप
बुमराह की यॉर्कर पर पहले मैच में शतक बनाने वाले ओली पोप बोल्ड हो गए। 28वें ओवर की पांचवीं बॉल पर बुमराह ने मिडिल-लेग स्टंप पर यॉर्कर फेंकी। इसे पोप बिल्कुल समझ ही नहीं सके और बॉल हवा में इंस्विंग हो कर सीधे स्टंप में जा घुसी।

श्रीलंका ने अफगानिस्तान पर 212 रन की बढ़त बनाई:मैथ्यूज और चांदीमल के शतक; दूसरे दिन स्टंप्स तक स्कोर 410/6

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वनऑफ टेस्ट के दूसरे दिन श्रीलंका ने अफगानिस्तान पर 212 रन की बढ़त बना ली है।

शनिवार को कोलंबो के SSC मैदान पर श्रीलंका ने दूसरे दिन स्टंप्स तक 410/6 का स्कोर बना लिया है।सदीरा समरविक्रमा 21 रन बना कर नाबाद है। यहां से टीम तीसरे दिन खेल को आगे बढ़ाएगी।

मेजबान टीम ने दूसरे दिन की शुरुआत 80/0 के स्कोर के आगे की। एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चांदीमल ने शतकीय पारी खेली। वहीं, करुणारत्ने ने अर्धशतक जमाया।

करुणारत्ने ने 35वां टेस्ट अर्धशतक जमाया
करुणारत्ने पहले दिन स्टंप्स के समय 42* रन पर थे और उन्होंने दूसरे दिन 35 रन और जोड़े। करुणारत्ने ने 72 गेंदों में 77 रन बनाकर अपना 35वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया।

चांदीमल ने घरेलू मैदान पर अपना नौवां टेस्ट शतक लगाया
चांदीमल तब क्रीज पर आए जब श्रीलंका का स्कोर 148/3 था और उन्होंने मैथ्यूज के साथ शानदार बल्लेबाजी की क्योंकि दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने रन बनाने के लिए जबरदस्त मैच्यौरिटी दिखाई। दोनों ने मिलकर 232 रन जोड़े. चांदीमल ने 107 रन बनाए जो उनका 15वां टेस्ट शतक और घरेलू मैदान पर नौवां शतक था।

चांदीमल के जाने के बाद भी मैथ्यूज ने अपनी अटैकिंग अप्रोच जारी रखी। कैस अहमद ने उन्हें 141 रन पर आउट कर दिया।

कप्तान पहली ही बॉल पर आउट
श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा पहली ही बॉल पर रनआउट हो गए। उनके अलावा निशान मदुशंका 37 रन और कुसल मेंडिस 10 रन बना कर पवेलियन लौटे।

अफगानिस्तान के लिए कठिन दिन
अफगानिस्तान के गेंदबाजों के लिए आज का दिन मुश्किल साबित हुआ। कैस और नवीद ने 2-2 विकेट लिए। वहीं, निजात मसूद को 1 विकेट मिला।

पहले दिन का खेल अफगानिस्तान 198 रन पर ऑलआउट
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पहले दिन श्रीलंका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। पहले दिन अफगानिस्तान 198 रन पर ऑलआउट हो गया। टीम से रहमत शाह ने 91 रन की पारी खेली। वहीं, श्रीलंका के विश्वा फर्नांडो ने 4 विकेट लिए।

तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट में लायंस को 320 रन की जरूरत:भारत ने 409 रन का टारगेट दिया,साई सुदर्शन का शतकl; दूसरी पारी में इंग्लैंड 83/2

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साई सुदर्शन की शतकीय पारी से इंडिया-ए ने तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट में मजबूत पकड़ बना ली है। टीम ने इंग्लैंड लायंस को आखिरी दिन जीत के लिए 403 रन का टारगेट दिया है।

दिन का खेल समाप्त होते-होते 83 रन पर इंग्लैंड के 2 बल्लेबाजों को पवेलियन भी भेज दिया है। एलेक्स लीस 41 और मैथ्यू फिशर 1 रन के स्कोर पर नाबाद हैं।

अहमदाबाद में मुकाबले के तीसरे दिन के आखिरी सेशन में मप्र के सारांश जैन ने इंग्लिश ओपनर कीटन जेनिंग्स (27) और ओलिवर प्राइस (11) के विकेट लिए। अब इंग्लैंड को मैच जीतकर सीरीज बराबर करने के लिए आखिरी दिन रविवार को 320 रन और बनाने होंगे।

मेजबान टीम 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है।

साई सुदर्शन और सारांश जैन की पारियों से भारत 409 रन पर पहुंचा
इंडिया-ए ने सुबह तीन विकेट पर 148 रन के स्कोर से खेलना शुरू किया। सुदर्शन ने 54 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया और शतक में तब्दील किया। उन्होंने 240 बॉल पर 117 रन बनाए।

बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह ने 25 गेंद में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए। रिंकू और सुदर्शन ने चौथे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी की। उन्होंने कुमार कुशाग्र (40 रन) के साथ 5वें विकेट के लिए 81 रन जोड़े।

साई और रिंकू के अलावा, सारांश जैन ने 63 रन और आकाश दीप ने 31 रन का योगदान दिया। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 60 रन जोड़कर भारत ए को 400 पार पहुंचने में मदद की।

विराट कोहली दूसरी बार पिता बनने वाले हैं:​​​​​​​डीविलियर्स ने जानकारी दी; बोले- दूसरे बच्चे के कारण वे परिवार के साथ हैं

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विराट कोहली फिर पिता बनने वाले हैं। यह जानकारी कोहली के खास दोस्त और पूर्व साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डीविलियर्स ने दी है। 39 साल के पूर्व बल्लेबाज डीविलियर्स भारत-इंग्लैंड टेस्ट के दूसरे दिन के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर LIVE आए।

डीविलियर्स ने एक फैंस के सवाल पर कहा- ‘मैंने कोहली को कॉल किया था और हालचाल पूछा। इस पर विराट ने मुझे बताया कि वे अपने परिवार के साथ हैं।’ आगे बोलते हुए डिविलियर्स ने कहा कि ‘विराट का दूसरा बच्चा आने वाला है। इस कारण वह परिवार के साथ हैं।’

3 साल पहले पिता बने थे कोहली, तब भी ब्रेक लिया था
इससे पहले विराट कोहली 11 जनवरी 2021 को पहली बार पिता बने थे और ऑस्ट्रेलिया टूर बीच में छोड़कर भारत आ गए थे। कोहली ने अपनी बेटी का नाम ‘वामिका’ रखा।

इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती 2 टेस्ट नहीं खेल रहे कोहली
विराट कोहली 25 जनवरी से खेली जा रही भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने निजी कारणों से अपना नाम वापस लिया है।

इस पर BCCI ने बयान जारी कर कहा कि कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा, सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट से बात की और फैमिली रीजंस के कारण अवकाश लिया है। बोर्ड ने उनकी निजता का सम्मान करने की अपील भी की।

कहीं मां की बीमारी तो कहीं पिता बनने के कयास
पहले 2 टेस्ट से कोहली के ब्रेक लेने के बाद मीडिया में कई कयास लगाए जा रहे थे। कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि उनकी मां बीमार हैं, तो कुछ में कोहली के पिता बनने की बात बताई जा रही थी।