रांची: जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है। इस संबंध में हाईकोर्ट के अधिवक्ता हर्ष कुमार अंकित ने रांची के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच कराने का अनुरोध किया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि धुर्वा स्थित कैनरा बैंक में संचालित जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के बैंक खाते का KYC मंदिर पुनर्निर्माण समिति के पैन (PAN-AAATJ5613J) के आधार पर कराया गया है, जबकि मंदिर पुनर्निर्माण समिति का अस्तित्व अब समाप्त हो चुका है। अधिवक्ता का दावा है कि मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उक्त समिति भंग कर दी गई थी। ऐसे में किसी अन्य संस्था के पैन का उपयोग कर बैंक खाते का KYC कराना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि न्यास समिति द्वारा किए गए खर्च से संबंधित अधिकांश बिल साधारण कागज अथवा स्वयं तैयार किए गए लेटरहेड पर उपलब्ध हैं। खरीद से संबंधित GST बिलों का अभाव है तथा कई दस्तावेजों में GST नंबर का भी उल्लेख नहीं पाया गया है। इससे खर्चों की पारदर्शिता और वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
इसके अतिरिक्त आरोप लगाया गया है कि न्यास समिति द्वारा बैंक में कराई गई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर TDS की कटौती भी मंदिर पुनर्निर्माण समिति के उक्त पैन नंबर पर की जा रही है। ज्ञापन के अनुसार इस मद में प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की कटौती हो रही है।
अधिवक्ता हर्ष कुमार अंकित ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।



