Google search engine
Home Blog Page 32

राँची हरमू विद्यानगर 105 पुड़िया ब्राउन शुगर और गाँजा छापामार कर पुलिस ने बरामद किया (पूरा पढ़े)

0

दिनांक 28.08.2024 को दिनांक 28.08.2024 को वरीय पुलिस अधीक्षक राँची को गुम सूचना मिला कि सुखदेवनगर थाना अन्तर्गत विद्यानगर काली मंदिर पुल के पास कामेश्वर राय के झोपड़ीनमा कमरे में अवैध नशीले पदार्थों का खरीद बिक्री हो रही है। उक्त सूचना के आलोक में पुलिस अधीक्षक नगर के नियंत्रण में एवं पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। गठित छापामारी टीम के द्वारा सुखदेवनगर थाना अन्तर्गत विद्यानगर काली मंदिर पुल के पास कामेश्वर राय के झोपडीनमा कमरे के पास से पुलिस बल को देख भागने के क्रम में दो व्यक्ति नाम कमशः 1. पवन कुमार उम्र करीब 28 वर्ष, पिता राम बाबु राय, सा० हरमू आनन्दपुरी चौक थाना अरगोडा स्थाई पता राजपुर पथसीया, थाना मोहिउद्दीन नगर जिला समस्तीपुर (बिहार) एवं 1. चिन्द्र कुमार उम्र 25 वर्ष पिता देवनन्दन साव, सा० यमुना नगर रोड नं0-01, थाना सुखदेवनगर, जिला राँची को पकड़ा गया। इस क्रम में पवन कुमार द्वारा पुलिस बल के साथ धक्का मुक्की करते हुए भागने का प्रयास किया गया जिससे पुलिस बल द्वारा पुनः पकड़ कर काबु में किया एवं एन०डी०पी०एस० एक्ट के अधीन नियमों का अनुपालन करते हुए विधिवत उनके शरीर एवं कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी के क्रम में 1. पवन कुमार के पेट के बाँये पॉकेट से नेपाली मुद्रा का 100 रूपया का एक नोट. 50 रूपया का एक नोट 5 रूपया का दो नोट कुल 160 रूपया एवं दाँहने पॉकेट से 10 छोटा छोटा पुडिया में ब्राउन शुगर बरामद किया गया तथा चिन्दु कुमार, उम्र करीब 25 वर्ष, पिता देवनंदन साव सा0- यमुनानगर रोड नंबर 01. थाना सुखदेवनर जिला राँची के पैन्ट के पैकेट से 500 रूपया का 12 नोट कुल 6000 रूपया बरामद किया गया तथा कमरे की तलाशी लेने पर कमरे में जमीन के अंदर छिपा कर रखे स्टील के कन्टेनर से 420 प्लास्टिक के पुडिया में गाँजा, दो टेप से सीलबंद पैकेट में गाँजा एवं खुला गाँजा एवं फ्रूटी के पैकेट में सिल्वर फॉयल का 95 पुडिया ब्राउन सुगर जैसा पदार्थ बरामद किया गया तथा एक काले रंग का पल्सर मोटरसाईकिल जिसका निबंधन संख्या- JH01AR5903 बरामद किया गया जिसके बारे में पवन कुमार एवं चिंटू कुमार द्वारा स्वयं स्वीकार किया कि यह प्लास्टिक के पुडिया, टेप से सीलबंद पदार्थ एवं खुला पदार्थ गाँजा है तथा सिल्वर फॉयल पुडिया में नशीला पदार्थ ब्राउन शुगर है। इस संबंध में सुखदेवनगर थाना कांड संख्या -451/24, दिनांक 28.08.2024, धारा 132 बी०एन०एस० एवं एन०डी०पी०एस० एक्ट 1985 की धारा 20(b)(ii) (B)/21(b)/22 अंकित किया गया। गिरफ्तार प्राथमिकी अभियुक्त का नाम पता-

  1. पवन कुमार, उम्र करीब 27 वर्ष, पिता राम बाबु राय सा०- हरमू आनंदपुरी चौक, थाना अरगोडा जिला राँची स्थायी पता- राजपुर, पतसीया, थाना महिउद्दीननगर, जिला समस्तीपुर जिला बिहार । 2. चिन्टु कुमार, उम्र 24 वर्ष पिता देवनंदन साव सा०- हर यमुना नगर रोड नंबर 01, थाना सुखदेवनगर, जिला राँची।

काड में बरामद सामानों की सूची

ब्राउन शुगर 105 पुड़िया ।

  1. 2. गाँजा करीब 3 कि०ग्रा०।
  2. एक काले रंग का पल्सर मोटरसाईकिल जिसका निबंधन संख्या-JH01AR5903 |

जेल में बंद मंत्री आलमगीर आलम के करीबी हाकिम मोमिन के घर पर सीबीआई की टीम छापेमारी कर रही है. (पूरा पड़े)

0

पूर्व मंत्री आलमगीर के करीबी हाकिम मोमिन के घर पर सीबीआई की टीम छापेमारी कर रही है. सीबीआई की टीम गुरुवार को पाकुड़ शहर स्थित हाकिम के घर पर पहुंचकर कागजात की जांच कर रही है. आलमगीर के करीबी हाकिम के बारे में सनसनीखेज जानकारी सामने आया है. हाकिम, जिसके पास वर्ष 2020 में पांच हाइवा हुआ करता था, आज की तारीख में उसके नाम से 107 हाइवा व जेसीबी है. वर्ष 2020 वही साल है, जब आलमगीर का ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री होने का सफर शुरु हुआ था. हाकिम की तरक्की इतनी तेजी से कैसे हुई, यह समझना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है. इन गाड़ियों की अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ है.

हाकिम ने सभी वाहनों की रजिस्ट्रेशन पाकुड़ से ही कराया है. हाकिम के नाम से गाड़ियां होने के दस्तावेज लगातार न्यूज नेटवर्क के पास उपलब्ध है. जानकारी के मुताबिक, हाकिम ने 107 वाहनों को खरीदने के लिए अलग-अलग बैंकों से लोन लिया है. जिन बैंकों से हाकिम ने लोन लिया है, उनमें एसबीआई, सीआईएफसीएल, एमएमएफएसएल, एक्सिस बैंक, एचडीबी, आईबीएल, कोटक, फेडरल, टीएमएफ, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और टाटा कैपिटल बैंक शामिल है. बताया जाता है कि हाकिम की सारी गाड़ियां सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के काम में लगते हैं. ठेकेदारों की मजाल नहीं कि, वो हाकिम को छोड़ किसी दूसरे की गाड़ी का इस्तेमाल कर सकें.

राँची विद्यानगर जमीन में गढ़कर रखे भारी मात्र में ब्राउन शुगर और गांजा जप्त (पूरा पढ़े)

0

कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में नशे के तस्करो के ठिकाने पर करवाई, जमीन में गढ़कर रखे भारी मात्र में ब्राउन शुगर और गांजा जप्त

रांची में नशे के खिलाफ एक्शन में रांची पुलिस, कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी कर भारी मात्रा में ब्राउन शुगर गांजा सहित कई समान जप्त,जमीन के नीचे कंटेनर में डाल कर रखे ब्राउन शुगर और गांजा जप्त,दो तस्कर चढ़ा पुलिस के हत्थे,इस छापेमारी के दौरान कोतवाली डीएसपी प्रशिक्षु डीएसपी सुखदेव नगर थाना प्रभारी और महिला थाना प्रभारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे।

अंतर्राज्यीय छिनतई गिरोह का माण्डर पुलिस ने किया पर्दाफाश (पूरा पढ़े)

0

प्रसंगः- माण्डर थाना काण्ड सं0-104/2024 दिनांक-20.08.2024 धारा-303 (2)

बी०एन०एस०

विवरणीः- दिनांक-20.08.2024 को माण्डर थाना क्षेत्र के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया टांगरबसली ब्रांच के पास छिनतई की घटना प्रतिवेदित हुई थी। उक्त घटना के उद्‌भेदन हेतु वरीय पुलिस अधीक्षक रॉची के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के द्वारा पुलिस उपाधीक्षक खलारी के निर्देशन में माण्डर थाना की कई टीम काण्ड के उद्भदन हेतु कार्य कर रही थी। साथ ही संलिप्त अपराधकर्मियों को पहचान कर पकड़ने हेतु क्षेत्र के सभी बैंकों पर सादे लिवास में पुलिसकर्मी निगरानी रख रहे थे। इसी बीच दिनांक-27.08.2024 को सूचना प्राप्त हुई कि माण्डर थाना क्षेत्र के ग्राम टांगरबसली बैंक के आस पास कुछ अज्ञात व्यक्ति तीन मोटर साईकिल पर सवार होकर संदिग्ध अवस्था में घुम रहे है। उक्त सूचना के सत्यापन एवं अग्रतर कार्रवाई करने हेतु थाना प्रभारी माण्डर दल बल के साथ ग्राम टांगरबसली स्थित बैंक के समीप पहुँचे ही थे कि रेखी कर रहे अपराधकर्मियों पुलिस बल पर नजर पड़ते ही तीन मोटर साईकिल से बेड़ो की ओर भागने लगे। थाना प्रभारी द्वारा पुलिस बल के सहयोग से भाग रहे पाँच अपराधकर्मी को तीन मोटर साईकिल के साथ पकड़ा गया। पकडाये अपराधी अपना अपना नाम पता कमशः 1. अउला आलोक रॉव 2. करण प्रधान 3. काली कबाड़ी 4. अउला धर्म रॉव 5. अउला तारो बताये। उक्त पकड़ाये व्यक्तियों से गहराई से पुछताछ करने पर ये लोग बताये कि ये सभी मिलकर विगत सात माह से राँची जिला के माण्डर, डोरण्डा, नामकुम, चान्हो, नगड़ी, बेड़ो, बुण्डू, रातु, खलारी, थाना क्षेत्रों मे अवस्थित बैंकों के पास रेकी करते है तथा पैसा निकाल कर जा रहे व्यक्ति का पीछा कर पैसा छिन कर भाग जाते है। ये सभी बताये कि ये लोग एक माह के लिए शहर में किराये का मकान लेकर ठहरते है तथा वहीं से योजना बनाकर बैंक पहुंचते है तथा रेकी कर पैसा निकाल कर जाने वाले व्यक्ति से पैसा छिनकर भाग जाते है। ये लोग बताये कि दिनांक 20.08.2024 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा टांगरबसली से पैसा निकाल कर जारे महिला से तीस हजार रू० का छिनतई किये थे। साथ ही राँची जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब 17 घटनायों को अंजाम दे चुके है। साथ ही बिहार, उतर प्रदेश, उड़िया, झारखण्ड एवं अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार एक माह के लिए किराये पर मकान लेकर ठहरे है एवं योजना बनाकर बैंक पर रेकी कर कई छिनतई की घटना को अंजाम दिये है। इसी तरह अगले माह दुसरे शहर में जाकर घटना को अंजाम देते है। गिरफ्तार उक्त अपराधियों के निशानदेही पर छिनतई किये गये रूपयों में से 12,800/- रू०, बैंक पास बुक, हेलमेट, एवं काण्ड में प्रयुक्त तीन मोटर साईकिल तथा चार मोबाईल, डिक्की तोड़ने वाला मास्टर की बरामद किया गया है।

गिरफ्तार व्यक्ति का नाम पता:-

  1. अउला आलोक रॉव उम्र करीब 19 वर्श पिता अउला एसु रॉव ग्राम पुरबोकोट, थाना कोरे जिला जाजपुर (उड़िसा)
  2. करण प्रधान उम्र करीब 20 वर्श पिता स्व० अर्जुन प्रधान ग्राम पुरबोकोट, थाना कोरे जिला जाजपुर (उड़िसा)
  3. काली कबाड़ी उम्र करीब 21 वर्श पिता मारगे दास ग्राम पुरबोकोट, थाना कोरे जिला जाजपुर (उड़िसा)
  4. अउला धर्म रॉव उम्र करीब 19 वर्श पिता अउला कोटेस रॉव ग्राम पुरबोकोट, थाना कोरे जिला

जाजपुर (उड़िसा) 5. अउला तारो उम्र करीब 22 वर्श पिता अउला त्रिशुल ग्राम पुरबोकोट, थाना कोरे जिला जाजपुर (उड़िसा

रिम्स मामले में ट्रेनी डॉक्टर्स का पक्ष (पूरा पढ़े)

0

रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था तो पहले से ही खराब थी पर अब यहाँ के गार्ड बाहर के लोगों को छोड़ यहाँ पढ़ रहे विद्यार्थियों पर ही हावी हो जाते हैं।
बाहर के लोगों को रिम्स के क्षेत्र में घूमने की मनाही है इस कारण विद्यार्थियों को आई डी कार्ड साथ रखने कहा जाता है।
आज दिनांक 27/08/2024 को संध्या 7 बजे एक महिला गार्ड ने रिम्स की एक छात्रा को आई डी कार्ड दिखाने के बाद भी उसे स्टेडियम में घुसने से मना किया, उससे दुर्व्यवहार किया और उसके साथ धक्का-मुक्की की जब कि उस समय स्टेडियम के अंदर बाहरी लोग भी उपस्थित थे जिनके बारे में पूछे जाने पर गार्ड को इस बात का ज्ञात ही ना था। विद्यार्थी जब उस छात्रा के हित में बात करने आए तो महिला गार्ड ने अपने नशे में धुत, हथियार बंद सहकर्मियों को बुलाया जो अर्धनग्न अवस्था में थे । उन्होंने विद्यार्थियों को घेरकर धमकी दी कि किसी को जाने नहीं देंगे और शटर बंद करने लगे। इतने में वो महिला गार्ड मौके से भाग गयी और उसके सहकर्मी छात्रों के साथ हाथापायी पर उतर आए। इस विषय में रिम्स में स्थित कंट्रोल रूम में एक एफ आई आर दर्ज किया गया। रिम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक ने मौके का जायजा लेकर विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होगी।
इससे पहले भी कई किस्से सामने आयें हैं जिनमें छात्रावासों में महिला गार्ड ने छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया है । 10 बजे से 5 मिनट भी देरी होने पर छात्राओं को अंदर घुसने नहीं दिया जाता और काफी बहस करने के बाद छात्राओं को कहा जाता है कि बाहर रहने के कारण ही उनके साथ बुरी घटनायें होती हैं। उन्हें छात्राओं को अनुरक्षित करने का आदेश दिए जाने के बावजूद वे अपना काम छोड़ पूरे दिन फोन चलाते हुए नज़र आती हैं और सीधे छात्राओं के चरित्र पर अनुचित टिप्पणी करने लगती हैं।

ऑटो और ई रिक्शा चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज से(पूरा पढ़े)

0

ऑटो और ई रिक्शा चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज से
रांची : रांची शहर के डीजल और सीएनजी ऑटो, ई-रिक्शा चालकों ने यानी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इसके कारण राजधानी रांची के किसी भी मार्ग में ये वाहन नहीं चलेंगे। जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से ऑटो, ई-रिक्शा चालकों को रूट पास नही देने और प्रशासन द्वारा ई रिक्शा व ऑटो को धर पकड़ के विरोध में ऑटो, ई-रिक्शा चालकों के सभी संघों ने सामूहिक हड़ताल की घोषणा कर दी है। इसी क्रम मे सोमवार को ऑटो चालकों ने रातू रोड से जुलूस निकाला और राजभवन जाकर प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद चालकों ने कहा कि शहर के विभिन्न मार्गों पर 25 हजार ऑटो और 13 हजार ई-रिक्शा हर दिन चलते हैं। जिसका निबंधन सरकार ने ही किया है।जब ई रिक्शा और सीएनजी ऑटो से जाम लग रहा था तब सरकार को इसके दुकानों और फैक्ट्री को पहले ही बंद करवा देना चाहिए था,साथ ही इसका निबंधन भी नही करना चाहिए था। परंतु सरकार ये सब पर रोक नही लगा सकती।अब सहर मे जाम लग रहा है तो गरीब लोगो का जिंदगी जीने का सहारा ई रिक्शा और सीएनजी ऑटो को पकड़ कर थाना मे बंद किया जा रहा है। बहुत सारे गरीब परिवार का घर इसी से चलता है, परंतु सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले ऑटो, ई-रिक्शा के हड़ताल से आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मारवाड़ी युवा मंच ने साइकिलएथोन् 4.0 का आयोजन किया

0

मारवाड़ी युवा मंच ने साइकिलएथोन् 4.0 का आयोजन किया

मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा ने 25.08.24 दिन रविवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर साइकिलएथोन् 4.0 कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम मे राणी सती मन्दिर लेन स्थित श्री राणी सती विद्यालय के छात्रों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी राणी सती विद्यालय से शनि मन्दिर, बकरी बाजार, लोहिया चौक होते हुए शहीद चौक से वापिस राणी सती विद्यालय तक साइकिल रैली निकली गयी। सभी प्रतिभागी छात्रों के बीच गिफ्ट हैंपर बाट कर कार्यक्रम को संपन्न किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक मंच के खेल खुद प्रभारी विवेक टिब्रेवाल एवं प्रवीण शर्मा थे।

मंच के प्रवक्ता राघव जालान ने जानकारी दी के कार्यक्रम मे मुख्य रूप से रांची शाखा के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल, सचिव सोनित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष स्पर्ष चौधरी, निवर्तमान अध्यक्ष अमित चौधरी के साथ अभिषेक जालान, विशाल महलका , राघव जालान एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

प्रेस विज्ञप्ति
राघव जालान
प्रवक्ता
मारवाड़ी युवा मंच, रांची शाखा

भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान का ऐसा हुआ “सम्मान”, अधिकारी सोफा पर रहे विराजमान और पूर्व कप्तान सह ध्यानचंद अवॉर्डी सुमराय टेटे को बैठाया गया पीछे की कुर्सी पर (पूरा पढ़े)

0

हम कभी नहीं सुधरेंगे ! 😡

भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान का ऐसा हुआ “सम्मान”, अधिकारी सोफा पर रहे विराजमान और पूर्व कप्तान सह ध्यानचंद अवॉर्डी सुमराय टेटे को बैठाया गया पीछे की कुर्सी पर

तस्वीर में बाईं ओर से लाल घेरे में सोफे पर विराजमान झारखंड कुश्ती संघ के सचिव सह हॉकी झारखंड के CEO रजनीश कुमार, हॉकी झारखंड के विजय शंकर सिंह, JEPC के धीरसेंग सोरेन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक उत्कर्ष गुप्ता, खेल निदेशक संदीप कुमार, SAJHA के उपनिदेशक राजकिशोर खाखा और JOA के कोषाध्यक्ष शिवेंदु दुबे।

पीछे की ओर कुर्सी पर बैठीं भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सुमराय टेटे।

मैदान पर बैठे ज्यादा बच्चों का सपना होगा कि वे भविष्य में सुमराय टेटे बन देश और पूरी दुनिया में छा जाएं लेकिन अधिकारियों की सदीक्षा इससे इतर नजर आ रही। जो सुनहरे अतीत का वर्तमान में सम्मान नहीं कर सकता वो भविष्य का सृजन कैसे करेगा ?

शर्मनाक है ये तस्वीर 😡
और
शर्म है ऐसे अधिकारियों पर जो देश के सम्मान का भी सम्मान नहीं करते

श्याम रजक ने आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देते हुए लिखा,

0

“मैं शतरंज का शौकिन नहीं था, इसलिए धोखा खा गया.
आप मोहरे चल रहे थे, मैं रिश्तेदारी निभा रहा था”

पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन जी ने कही मन की बात अपमान सहना पड़ा इसलिए दूसरा विकल्प देख रहा हूँ ((पूरा पढ़े))

0

जोहार साथियों,

आज समाचार देखने के बाद, आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।

अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक, मैंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है। राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों एवं पिछड़े तबके के लोगों को उनका अधिकार दिलवाने का प्रयास करता रहा हूं। किसी भी पद पर रहा अथवा नहीं, लेकिन हर पल जनता के लिए उपलब्ध रहा, उन लोगों के मुद्दे उठाता रहा, जिन्होंने झारखंड राज्य के साथ, अपने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।

इसी बीच, 31 जनवरी को, एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद, इंडिया गठबंधन ने मुझे झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा करने के लिए चुना। अपने कार्यकाल के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन (3 जुलाई) तक, मैंने पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस दौरान हमने जनहित में कई फैसले लिए और हमेशा की तरह, हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहा। बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों एवं समाज के हर तबके तथा राज्य के हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हमने जो निर्णय लिए, उसका मूल्यांकन राज्य की जनता करेगी।

जब सत्ता मिली, तब बाबा तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों को नमन कर राज्य की सेवा करने का संकल्प लिया था। झारखंड का बच्चा- बच्चा जनता है कि अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने कभी भी, किसी के साथ ना गलत किया, ना होने दिया।

इसी बीच, हूल दिवस के अगले दिन, मुझे पता चला कि अगले दो दिनों के मेरे सभी कार्यक्रमों को पार्टी नेतृत्व द्वारा स्थगित करवा दिया गया है। इसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम दुमका में था, जबकि दूसरा कार्यक्रम पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का था। पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा 3 जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है, तब तक आप सीएम के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते।

क्या लोकतंत्र में इस से अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? अपमान का यह कड़वा घूंट पीने के बावजूद मैंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सुबह है, जबकि दोपहर में विधायक दल की बैठक होगी, तो वहां से होते हुए मैं उसमें शामिल हो जाऊंगा। लेकिन, उधर से साफ इंकार कर दिया गया।

पिछले चार दशकों के अपने बेदाग राजनैतिक सफर में, मैं पहली बार, भीतर से टूट गया। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। दो दिन तक, चुपचाप बैठ कर आत्म-मंथन करता रहा, पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती तलाशता रहा। सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता?

जब वर्षों से पार्टी के केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो रही है, और एकतरफा आदेश पारित किए जाते हैं, तो फिर किस से पास जाकर अपनी तकलीफ बताता? इस पार्टी में मेरी गिनती वरिष्ठ सदस्यों में होती है, बाकी लोग जूनियर हैं, और मुझ से सीनियर सुप्रीमो जो हैं, वे अब स्वास्थ्य की वजह से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, फिर मेरे पास क्या विकल्प था? अगर वे सक्रिय होते, तो शायद अलग हालात होते।

कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था। बैठक के दौरान मुझ से इस्तीफा मांगा गया। मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था।

पिछले तीन दिनों से हो रहे अपमानजनक व्यवहार से भावुक होकर मैं आंसुओं को संभालने में लगा था, लेकिन उन्हें सिर्फ कुर्सी से मतलब था। मुझे ऐसा लगा, मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है, कोई अस्तित्व ही नहीं है, जिस पार्टी के लिए हम ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। इस बीच कई ऐसी अपमानजनक घटनाएं हुईं, जिसका जिक्र फिलहाल नहीं करना चाहता। इतने अपमान एवं तिरस्कार के बाद मैं वैकल्पिक राह तलाशने हेतु मजबूर हो गया।

मैंने भारी मन से विधायक दल की उसी बैठक में कहा कि – “आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।” इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से सन्यास लेना, दूसरा, अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा, इस राह में अगर कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना।

उस दिन से लेकर आज तक, तथा आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों तक, इस सफर में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।

आपका,
चम्पाई सोरेन