Google search engine
HomeBlogरांची ब्लिंकिट कर्मचारी शंकर के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं आईडी ब्लॉक किए...

रांची ब्लिंकिट कर्मचारी शंकर के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं आईडी ब्लॉक किए जाने के मामले में आजसू छात्र संघ ने उठाई आवाज, निष्पक्ष जांच की मांग

रांची | 22 अक्टूबर 2026

रांची के अरगोड़ा स्थित दीपाटोली में बीती रात करीब 2 बजे ब्लिंकिट के डिलीवरी कर्मचारी शंकर के साथ हुई घटना को लेकर आजसू छात्र संघ ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने ब्लिंकिट प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कर्मचारी का पक्ष सुनने तथा उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंकर को ब्लिंकिट के माध्यम से एक ऑर्डर मिला था, जिसे पहुंचाने के लिए वह ग्राहक के पते पर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राहक द्वारा ऑर्डर रद्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस बीच शंकर का मोबाइल फोन बंद हो गया, जिसके कारण वह समय पर आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं कर सके और ऑर्डर लेकर ग्राहक के घर तक पहुंच गए।

आरोप है कि ग्राहक के घर पहुंचने पर शंकर के साथ दुर्व्यवहार किया गया। जब उन्होंने बताया कि ऑर्डर रद्द हो चुका है और सामान वापस करना होगा, तो उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई। इसके बाद शंकर ने अपनी ओर से पैसे खर्च कर सामान की भरपाई की और उसे कंपनी को वापस किया। इसके बावजूद ब्लिंकिट प्रबंधन ने उनकी आईडी ब्लॉक कर दी। बताया जा रहा है कि शंकर कंपनी के पुराने कर्मचारियों में से एक हैं। इस मामले में उनके विरुद्ध केस दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।

मामले की जानकारी लेने के लिए जब मीडिया ने प्रयास किया, तो बड़ी संख्या में डिलीवरी कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं। कर्मचारियों ने काम के दौरान होने वाली परेशानियों, दुर्घटना की स्थिति में कंपनी की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने और प्रबंधन द्वारा शिकायतों पर उचित सुनवाई नहीं किए जाने जैसे गंभीर मुद्दे उठाए। इन शिकायतों ने डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार की स्थिरता पर सवाल खड़े किए हैं।

आजसू छात्र संघ के महानगर अध्यक्ष अमन साहू ने कहा, “किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शंकर से कोई गलती हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन बिना उनका पक्ष सुने केवल ग्राहक की शिकायत के आधार पर उनकी आईडी ब्लॉक करना और उनकी आजीविका पर संकट खड़ा करना उचित नहीं है। कंपनी प्रबंधन को कर्मचारी की बात सुननी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।”

आजसू छात्र संघ प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने कहा, “डिलीवरी कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके कंपनी की सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाते हैं। यदि काम के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार होता है या दुर्घटना के समय उन्हें आवश्यक सहयोग नहीं मिलता, तो यह गंभीर विषय है। कंपनी की जिम्मेदारी केवल ऑर्डर डिलीवर करवाने तक सीमित नहीं हो सकती। कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना भी प्रबंधन की जिम्मेदारी है।”

आजसू छात्र संघ ने ब्लिंकिट प्रबंधन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  1. शंकर के मामले की निष्पक्ष जांच कर उनका पक्ष सुना जाए।
  2. उनकी आईडी ब्लॉक किए जाने के निर्णय की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाए।
  3. घटना एवं उनके विरुद्ध दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
  4. डिलीवरी कर्मचारियों की दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
  5. कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए जवाबदेह शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए।

आजसू छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि मेहनतकश कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए संगठन हमेशा आवाज उठाता रहेगा। संगठन ने ब्लिंकिट प्रबंधन से मांग की है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कदम उठाए, ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो।

जारीकर्ता:
अमन साहू
महानगर अध्यक्ष, आजसू छात्र संघ, रांची

RELATED ARTICLES

Most Popular