बहौता आहर करीब 8 एकड़ में विस्तृत है, इसके बांध पर दर्जनों कुसुम के पेड़ लगे हैं, आहर के बीच मे एक टापू इसे और आकर्षित करती है। इसे हमलोगों ने Eco tourism के रूप में डेवलप करके पर्यटक स्थल बनाने की योजना थी। आहर के जीर्णोद्धार से आज़ पास के सभी गांव का वाटर लेवल में सुधार हो गया। लेकिन वन विभाग, JSLPS और कुछ स्थानीय लोगो के कारण आज भी उपेक्षित है। इस कुन्दरी लाह बागान के पूर्ण विकास के लिए कल से कार्य पुनः प्रारम्भ होगा। आने वाले कुछ वर्षों में हमलोग इसे नई दिशा देने में अवश्य सफल होंगे …
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