झारखंड की जानी मानी बाइकर और ट्राइबल एक्टिविस्ट कंचन उगूरसांडी ने खरसावां गोलीकांड को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है| ट्वीटर पर लिखे एक पोस्ट में कंचन ने खरसावां गोलीकांड को जलिय़ांवाला बाग से ज्यादा बडा और भयावह बताया है और इसारे इसारे में अलग राज्य झारखंड के प्रणेता जयपाल सिंह मुंडा पर सवाल खडे किए हैं| कंचन ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ” देश को यह तो पता है कि जलियांवाला बाग के गुनहगार का नाम जनरल डायर* था, पर हमे आज तक नहीं पता चला कि हमारे पुर्वज “हो” आदिवासियों पर गोली चलवाने वाला कौन था ? “
कंचन ने आगे लिखा है कि ; शिकायत इतिहासकारों से ज्यादा उस तथाकथित आदिवासी मसीहा से है जिन्होंने बाबा भीम राव अंबेडकर के साथ मिलकर संविधान तो लिखा पर 1 जनवरी 1948* को हमारे निहत्थे पुर्वजों के बर्बर नरसंहार पर एक लाईन नहीं लिख पाए | एक ऐसा आदिवासी नेता जिसने हजारों आदिवासियों की भीड़ जुटाई और गोली चलने से पहले खुद अचानक गायब हो गए l”
दरअसल इन दिनों केशरी चेप्टर 2 फिल्म की चर्चा जोरों पर है| जिसमें 13 अप्रैल, 1919 में जलियावाला बाग में हूवे नरसंहार के लिए जनरल डायर को कोर्ट में दोषी माना गया था | कंचन से सवाल उठाए है कि आजादी के तूरंत बात हूवे खरसावां गोलीकांड का दोषी कौन है आज तक किसी को पता नही चला ! जो भी हो, कंचन के इस पोस्ट से खलबली मच गई है| लोग खरसावां गोलीकांड का सच जानने के लिए इंटरनेट पर गुगल कर रहे है|



