सदर अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अजीत के पिताजी के इलाज के नाम पर 15 घंटे के आसपास में ही 50000 से ऊपर का बिल बना दिया गया।
जब डॉक्टर अजीत ऑपरेशन में थे तो उनके पिताजी की तबीयत थोड़ी खराब हुई तो उनके परिजन नजदीक के अस्पताल रामप्यारी सुपर स्पेशलिटी हरिहर सिंह रोड में लेकर गए।
जहां उनका इलाज डॉक्टर राजीव रंजन के अंदर शुरू हुआ।
वहां इमरजेंसी में बताया गया कि उनके पास CAPF कार्ड है, तो TPA वाले ने बोला कि आपका सरकारी (CGHS )दर पर इलाज होगा यहां पर।
दो बोतल पानी चढ़ाने के बाद वह पूरे होश में आ गए तब तक डॉक्टर अजीत भी वहां पहुंच गए ,उन्होंने बोला कि इनका मेदांता में इलाज कैशलेस हो जाएगा परंतु डॉक्टर के समझाने पर हम लोगों ने वहीं ICU में छोड़ दिया, अगले दिन जब सुबह में बिल के बारे में पूछा गया तो बोला गया कि दोपहर में बताया जाएगा, जब दोपहर में पूछा गया तो बताया गया कि आपका 47000/ बिल हो गया है और इसमें अभी और जुटेगा।
सुबह जब डॉक्टर अजीत पिताजी को देखने गए तो उनकी बीपी ठीक थी तो उन्होंने अनुरोध किया कि उनको छुट्टी दे दी जाए।






