भारतीय संस्कृति और परम्परा से सन्चालित हो रही विवेकानंद विद्या मंदिर कुन्दरी ग्रामीण क्षेत्रो में बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु प्रयास कर रही है स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी जागरूकता का प्रयास कर रही है। विद्यालय के छात्रों को शिक्षा के साथ साथ राष्ट्रीयता, संस्कार, अनुशासन, जनसेवा, कर्तव्य के गुणों को भी सिखाने का प्रयास विद्यालय प्रबंधन कर रही है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण हेतु विद्यालय के दस छात्र एवं एक शिक्षिका रांची के विवेकानंद विद्या मंदिर से प्राप्त करने के लिए दिनांक 14/10/24 को प्रस्थान किए। सभी छात्रों को विवेकानन्द विद्या मंदिर, रांची छात्र एवं ऑब्जर्वर श्रीमती किरण द्विवेदी एवं अन्य छात्र – छात्राएं स्वामी विवेकानंद जी के प्रतिमा के समक्ष तिलक वंदन, पुष्प वर्षा एवं आरती करके स्वागत किया गया। तत्पश्चात विद्यालय परिसर में एकादशी पूजन एवं राम नाम संकीर्तन में सभी छात्रों ने भाग लिया।
बताते चले कि रांची जाने के क्रम में रातु महाराज के महल का भ्रमण भी सभी छात्रों ने किया, जहां पर म्यूजियम, चिड़ियाघर इत्यादि को देखने के उपरांत छोटे राजकुमार अभिरित एवं रानी दीदी से भी औपचारिक भेंट करते हुए विद्यालय परिवार की ओर सभी सभी श्रीमद्भागवत गीता का सप्रेम भेंट किया गया। राज महल परिवार की ओर से सभी छात्रों को दरबार मे ही नाश्ते के प्रबंध किया गया। तत्पश्चात विद्यालय परिसर के लिए प्रस्थान किया।
आज दिनांक 15/10/24 से छात्रों का प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया। जिसमें सर्वप्रथम प्रार्थना, श्लोक सिखाया गया एवं जगन्नाथ मंदिर का भ्रमण एवं भोग ग्रहण कराया गया।
विवेकानंद विद्या मंदिर, रांची शाखा के सचिव श्री अभय मिश्रा ने बताया कि हमारा विद्यालय स्वामी विवेकानंद जी के आदर्श और विचार से चलता है। भारतीय परंपरा और सनातन संस्कृति से जीवन मे आगे बढ़ने, जीने और सफल अभियान में सहयोग और प्रेरणा मिलता है। हमारा लक्ष्य है ग्रामीण क्षेत्रो के अभिभावकों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था सेवा देना है, ताकि आने वाली पीढ़ी समाज राष्ट्र के लिए तैयार हो सकें, उनका जीवन बेहतर बन सकें। विवेकानंद विद्या मंदिर कुन्दरी के संचालक श्री कमलेश सिंह ने बताया कि हमारा प्रयास छात्रों को प्रत्येक क्षेत्र में सफल बनाने की है चूंकि हमारा विद्यालय नया है लेकिन प्रयास बेहतर करने का हमेशा रहेगा। छात्रों को संस्कृति, संस्कार, श्लोक, अनुशासन, प्रतियोगिता इत्यादि का तीन दिवसीय पूर्ण प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बढ़ती हुई शिक्षा के व्यापारीकरण से सभी त्रस्त है, इस कारण हमारे विद्यालय में अच्छी और बेहतर शिक्षा सेवा उपलब्ध कराना है। विवेकानंद विद्या मंदिर, रांची में श्री अभय मिश्रा, सचिव, किरण द्विवेदी, ऑब्जर्वर, शिक्षक रथिन मुखर्जी, श्यामल रॉय, संजीव पाठक सहित कई अन्य की पूर्ण सहयोग रहा।



